फोन पर कोई खुद को पुलिस या CBI अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दे, तो घबराकर पैसे न भेजें। बातचीत रोकें और पहचान की जाँच स्वतंत्र रूप से करें। पैसे भेज चुके हैं तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की मदद लें।
डिजिटल अरेस्ट की धमकी में ठग क्या कहते हैं?
I4C की 6 मार्च 2025 की सलाह में बताया गया है कि ठग पुलिस, CBI या दूसरी एजेंसी का नाम लेकर संपर्क करते हैं। कभी किसी संदिग्ध पार्सल का आरोप लगाते हैं, तो कभी आधार या बैंक खाते को अपराध से जोड़ते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल पर बने रहने और मामला खत्म करने के लिए रकम भेजने का दबाव डालते हैं।
इसी सलाह के मुताबिक, भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ की कोई व्यवस्था नहीं है। स्क्रीन पर दिखती वर्दी, पुलिस स्टेशन जैसा कमरा या किसी एजेंसी का नाम पहचान का भरोसेमंद प्रमाण नहीं है।
ऐसी कॉल आए तो ये कदम उठाएँ
- कॉल रोकें। धमकी के दबाव में भुगतान या कोई नया काम न करें।
- खुद पुष्टि करें। नज़दीकी पुलिस थाने या संबंधित विभाग के आधिकारिक संपर्क से जानकारी जाँचें। कॉल करने वाले के दिए नंबर को ही प्रमाण न मानें।
- OTP, UPI PIN और पासवर्ड न बताएँ। अनजान व्यक्ति के कहने पर फोन को दूर से नियंत्रित करने वाला ऐप भी न लगाएँ।
- सबूत बचाएँ। नंबर, संदेश, कॉल का समय और भेजे गए दस्तावेज सुरक्षित रखें। स्क्रीनशॉट में बदलाव न करें।
पैसे भेज दिए हों तो कहाँ शिकायत करें?
1930 पर तुरंत कॉल करें और अपने बैंक या भुगतान सेवा को भी बिना देर किए सूचित करें। ऑनलाइन शिकायत के लिए पता खुद टाइप करके cybercrime.gov.in खोलें। संदिग्ध व्यक्ति के भेजे शिकायत या ‘रिफंड’ लिंक पर भरोसा न करें।
शिकायत में घटना का क्रम स्पष्ट रखें। भुगतान की तारीख, समय, रकम और ट्रांजैक्शन विवरण साथ रखें। उपलब्ध चैट, नंबर और अन्य प्रमाण सुरक्षित रखें; शिकायत के बाद मिला संदर्भ नंबर आगे की बातचीत में काम आएगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, साइबर पोर्टल पर दर्ज मामलों पर आगे की कार्रवाई संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की एजेंसियाँ करती हैं। शिकायत दर्ज करना और पैसे वापस मिलना अलग बातें हैं—तत्काल रिफंड की गारंटी समझकर किसी को और रकम न दें।
सरकारी स्रोत और जानकारी की जाँच
- I4C: डिजिटल अरेस्ट संबंधी सलाह, 6 मार्च 2025
- मेघालय पुलिस: धमकी की पुष्टि और शिकायत का तरीका
- पुदुचेरी पुलिस: साइबर सुरक्षा और सबूत सुरक्षित रखने की सलाह
- गृह मंत्रालय / PIB: राष्ट्रीय शिकायत व्यवस्था, 12 मार्च 2025
जानकारी की जाँच: 29 अक्टूबर 2026। यह सरकारी सलाह पर आधारित सुरक्षा गाइड है, किसी नई स्थानीय घटना की रिपोर्ट नहीं।
