खबर की मुख्य बातें

  • लखनऊ में 30 और 31 अक्टूबर 2026 को भाजपा की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
  • बैठक से पहले 29 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें कार्यसमिति के एजेंडे को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।
  • चर्चा का केंद्र 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारी, बूथ स्तर तक काम और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय रहेगा।
  • पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी एक दिन बैठक में शामिल होने की संभावना बताई गई है।

पूरी खबर क्या है

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को गति देने के लिए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक लखनऊ में हो रही है। यह बैठक दो दिन, 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। पार्टी सूत्रों और एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में शामिल होकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित कर सकते हैं। उनके संबोधन से चुनावी तैयारी को औपचारिक रूप से गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैठक से एक दिन पहले, 29 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें कार्यसमिति के सामने रखे जाने वाले एजेंडे, प्रमुख मुद्दों और तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा था कि पदाधिकारियों की बैठक का उद्देश्य कार्यसमिति के एजेंडे को तय करना था। भाजपा नेता गोविंद नारायण शुक्ला ने बताया था कि सदस्यों के सुझावों को एजेंडे में शामिल किया जाएगा और यह बैठक 2027 के चुनाव के लिए दिशा तय करने में मदद करेगी।

बैठक में कौन-कौन शामिल होगा

रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी भी बैठक का हिस्सा बन सकते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के एक दिन के लिए बैठक में आने की संभावना भी बताई गई है।

एजेंडे में क्या-क्या हो सकता है

बैठक में संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक तैयारी को पुख्ता करने और पार्टी तथा सरकार के बीच समन्वय पर चर्चा होने की उम्मीद है। हाल के विधान परिषद चुनाव के परिणामों की समीक्षा का मुद्दा भी चर्चा में आ सकता है, क्योंकि पार्टी ने कहा है कि वह परिणामों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही गाँवों, गरीबों और किसानों तक कल्याणकारी काम पहुँचाने की रणनीति पर भी बात हो सकती है।

बैठक के बाद अमित शाह के आने वाले हफ्तों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न संगठनात्मक क्षेत्रों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलने और समीक्षा बैठकों का दौर भी प्रस्तावित बताया गया है। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर जैसे क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।

क्यों अहम है यह बैठक

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहाँ का विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को पार्टी की चुनावी मशीनरी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बैठक से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने और संगठनात्मक काम को एक दिशा मिलने की उम्मीद है।

पाठकों के लिए जरूरी बात

यह लेख बैठक से पहले की रिपोर्टों पर आधारित है। बैठक में लिए गए फैसलों, प्रस्तावों और नेताओं के संबोधन की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद इस खबर को अपडेट किया जाएगा। किसी भी फैसले को अंतिम मानने से पहले पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना सही रहेगा।

नोट: इस लेख का टेक्स्ट पूरी तरह ओरिजिनल है। किसी अन्य समाचार साइट का लेख, पैराग्राफ या फोटो इसमें कॉपी नहीं किया गया है। तथ्यों की पुष्टि 29 अक्टूबर 2026 की एजेंसी रिपोर्टों से की गई है.