चक्रवात अर्नब के कमजोर होकर अवदाब में बदलने के बाद भी उसका असर 30 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में दिखेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएँ चल सकती हैं। तापमान में 5-8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट भी संभव है।
खबर की मुख्य बातें
- चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद धीरे-धीरे कमजोर हुआ और 29 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के पास अवदाब के रूप में पहुँच गया था।
- कमजोर होने के बावजूद इसकी नमी और हवाओं का असर 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, अवध और तराई क्षेत्र में भारी बारिश के रूप में दिखने का पूर्वानुमान है।
- पूर्वानुमान में गोरखपुर मंडल के जिलों के साथ प्रयागराज क्षेत्र के जिलों और बरेली, पीलीभीत, शाहजहाँपुर जैसे तराई जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
- तेज हवाओं की गति कई जगह 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे पेड़ों की डालियाँ गिरने, अस्थायी ढाँचों को नुकसान और सड़क यात्रा में परेशानी का खतरा है।
- बारिश के साथ दिन के तापमान में 5-8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
- 30 अक्टूबर को ही UPSSSC PET 2026 का दूसरा चरण भी हो रहा है, इसलिए परीक्षा केंद्रों की यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को बारिश और जाम को ध्यान में रखकर पहले निकलने की सलाह है।
पूरी खबर क्या है
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट पर असर दिखाया था, जिसके बाद वह अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ते हुए कमजोर होता गया। मौसम विभाग के अनुसार 29 अक्टूबर की सुबह तक यह प्रणाली दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के दक्षिण ओडिशा क्षेत्र में अवदाब के रूप में थी और उसके उत्तर की ओर बढ़ते हुए और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना थी। लेकिन कमजोर प्रणाली का मतलब बारिश का पूरी तरह खत्म होना नहीं है — उसकी नमी पूर्वी भारत के ऊपर बनी हुई है, और यही नमी 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश ला सकती है।
उत्तर प्रदेश के लिए जारी चेतावनियों में 28 से 31 अक्टूबर के बीच अलग-अलग दिनों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट दिए गए थे। 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी थी। 29 अक्टूबर को चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में भारी से बहुत भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का ऑरेंज अलर्ट था। 30 अक्टूबर का पूर्वानुमान इन्हीं क्षेत्रों से आगे बढ़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई की ओर केंद्रित है।
30 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है
30 अक्टूबर के लिए कई पूर्वानुमानों में एक जैसी तस्वीर उभरती है, हालाँकि जिला-सूचियों में थोड़ा अंतर है, इसलिए किसी एक सूची को अंतिम न मानकर जिलेवार ताजा बुलेटिन देखना जरूरी है। गोरखपुर मंडल और आसपास के जिलों — गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती — में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। साथ ही बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, गोंडा, बहराइच, अयोध्या और अंबेडकरनगर में भी बारिश संभव है।
दूसरी ओर, प्रयागराज क्षेत्र के जिलों — चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर — में भी 30 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान बना हुआ है। तराई क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत और शाहजहाँपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। लखनऊ और बाराबंकी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएँ चल सकती हैं। बारिश हर जगह एक जैसी नहीं होगी — कुछ जगह तेज बौछारें पड़ सकती हैं, तो कुछ जगह सिर्फ हल्की बारिश होगी।
किसानों और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
अक्टूबर के आखिर में होने वाली इस बेमौसम बारिश का सबसे सीधा असर धान की कटाई पर पड़ सकता है। खेत में पड़ी फसल भीग सकती है, अनाज सुखाने और ढुलाई का काम रुक सकता है, और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों को सलाह है कि कटी फसल को सुरक्षित जगह पर रखें और बारिश के दौरान खुले खेत में काम करने से बचें।
आम लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बिजली गिरना और तेज हवाओं में पेड़ों की डालियाँ या कमजोर ढाँचे गिरना है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों और जलाशयों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मजबूत इमारत के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है। सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए बेवजह यात्रा टालना बेहतर है, और अगर यात्रा जरूरी हो तो गति धीमी रखें।
PET अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
30 अक्टूबर को UPSSSC PET 2026 का दूसरा चरण दो पालियों में हो रहा है — सुबह 10 से 12 बजे और दोपहर 3 से 5 बजे तक। बारिश की वजह से सड़कों पर जाम और देरी हो सकती है, इसलिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए सामान्य से पहले निकलना चाहिए। प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेजों को पानी से बचाकर रखें। भीगने से बचने के लिए छाता या रेनकोट साथ रखें।
प्रशासन की तैयारी और लोगों से अपील
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है, जिसमें निवासियों, किसानों और स्थानीय प्रशासन से मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की गई है। जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और जिला प्रशासन के निर्देशों का ही पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें।
मौसम का यह बदलाव अस्थायी है — बारिश के बाद तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ेगी, लेकिन 31 अक्टूबर के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
नोट: यह लेख 27-29 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित IMD पूर्वानुमानों और मौसम रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। जिला-वार सूची स्रोतों के अनुसार थोड़ी अलग-अलग है, इसलिए ताजा स्थिति के लिए अपने जिले का नवीनतम IMD बुलेटिन अवश्य देखें। किसी भी साइट का लेख, पैराग्राफ या फोटो कॉपी नहीं किया गया है।

